चंद्रमणि सूर्य ग्रहण ( Solar Eclipse-2020 ) इन बातों का रखें खास खयाल, नहीं तो पड़ेगा पछताना।


chandramani surya grahan

चंद्रमणि सूर्य ग्रहण -परिचय 

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का औषधि  और योग में।
दोस्तों वैसे तो भारत में सूर्य ग्रहण  और चंद्र ग्रहण को प्राचीन काल से बहुत मान्यता प्राप्त होती आई है। खासकर बात अगर सूर्य ग्रहण की करें तो मामला और भी दिलचस्प हो जाता है। ऐसा इसलिए कि सूर्य ग्रहण चंद्र ग्रहण की अपेक्षा कहीं अधिक शक्तिशाली व प्रभावशाली होता है। सूर्यग्रहण चंद्रग्रहण की अपेक्षा सजीव निर्जीव जगत को कहीं अधिक प्रभावित करता है।
इस बार का सूर्य ग्रहण 21 जून को लगने जा रहा है जोकि कई मायनों में खास है। ज्योतिष-विदो ने इसे चूड़ामणि सूर्यग्रहण नाम दिया है। यह संयोग कई वर्षों बाद होता है।

आइए जानते हैं खास बात क्या है-

1 - दोस्तों यह सूर्य ग्रहण मिथुन राशि में अमावस्या तिथि को मृगशिरा नक्षत्र में लगने जा रहा है।
2 - ग्रहण के समय बुध, शुक्र, गुरु, शनि, राहु और केतु की स्थिति संयोगवश इस बार वक्री होगी और ऐसा होना ज्योतिष के अनुसार दुष्कर परिणाम लाता है।

इन राशियों को होगा फायदा-

यह सूर्य ग्रहण कन्या मेष मकर और सिंह राशि वालों के लिए शुभ फल प्रदान करने वाला है।
वही मीन, धनु, वृश्चिक और कुंभ राशि वालों को थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है।

क्या करें क्या ना करें-

1 -ग्रहण को खुली आंखों से भूलकर भी ना देखें।
2 -ग्रहण काल में स्नान आदि ना करें।
3 -गर्भवती स्त्रियां घर से बाहर ना निकले।
4 -ग्रहण काल में भोजन करने से बचें। यदि भोजन करना आवश्यक हो तो उसमें तुलसी के कुछ पत्ते मिला दे।
5 -किसी प्रकार का शुभ कार्य  प्रारंभ करने से परहेज करें।


Disclaimer: इस पोस्ट में दी गयी समस्त जानकारी का स्त्रोत विषय-विशेषज्ञ, कुछ पुस्तकें व कुछ व्यक्तियों के अनुभव है। अतः हम किसी भी तथ्य के पूरी तरह सत्य या मिथ्या होने का दावा नहीं करते, पाठक कृपया स्वविवेक से काम लें

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